@सोनू सालवी

आलीराजपुर।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में शुक्रवार को एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह उपवास मनरेगा में अधिकारों की कटौती, योजना के नाम परिवर्तन, इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों तथा प्रदेश एवं जिले में गहराते पेयजल संकट के विरोध में रखा गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने कहा कि मनरेगा गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों की जीवनरेखा है। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में अनुदान की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत से घटाकर 60 प्रतिशत करना, योजना को कमजोर करने की साजिश है।

शेष 40 प्रतिशत का भार राज्य सरकार पर डालना ऐसे समय में अनुचित है, जब राज्य पहले से ही आर्थिक दबाव में है।उन्होंने इंदौर के भागीरथपुरा में जहरीले पानी से हुई मौतों को सरकार की गंभीर लापरवाही बताया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई तथा पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की।महेश पटेल ने कहा कि आलीराजपुर जिले के कई गांवों में ग्रामीण फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। नल-जल योजना के तहत बनी अधिकांश टंकियां बंद पड़ी हैं, जिससे ग्रामीणों को असुरक्षित पानी पीना पड़ रहा है।पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष ओमप्रकाश राठौर ने मांग की कि फ्लोराइड प्रभावित गांवों में तत्काल शुद्ध पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, बंद पड़ी नल-जल टंकियों को शीघ्र चालू किया जाए तथा मनरेगा के अधिकार पूर्ण रूप से बहाल किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता साहनी मकरानी, राजेंद्र टावली, सुरेश सारडा, युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष पुष्पराज रावत पटेल, ब्लॉक अध्यक्ष जोबट अरविंद डावर, मदन डावर, सरदार अजनार, सरपंच कैलाश चौहान, तरुण मंडलोई, कुंवर सिंह खराड़ी, नाथू खराड़ी, सब्बीर बोहरा, सोनू वर्मा, अंगर सिंह चौहान, इरफान मंसूरी, सोमला रावत, बाबू मावी, सविन पटेल, मनीष चौहान, प्रदीप पटेल, लक्की राठौर, धन सिंह, छगन भगत, दिनेश देवका, मुकेश सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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