@सोनू सालवी

आलीराजपुर। जिले के ग्राम फड़तला क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर आदिवासी ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्राम फड़तला मिडिल स्कूल से नेवा माता होते हुए थोड़ सिंधी तक करीब 1.50 किलोमीटर सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग को आवेदन देने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि विभाग के अधिकारियों ने आवेदन लेने में टालमटोल करते हुए ग्रामीणों को वापस लौटा दिया।

ग्रामीणों ने कार्यपालन यंत्री एवं एसडीओ पर राजनीतिक दबाव में काम करने और आवेदन तक स्वीकार नहीं करने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वर्षों से यह सड़क उपेक्षित पड़ी है, जिससे क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और आवागमन की स्थिति बेहद खराब हो गई है।

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य में अनियमितता बरतते हुए पूरी लंबाई के बजाय आंशिक निर्माण की योजना बनाई जा रही है, जिससे लोगों में और अधिक नाराजगी बढ़ गई है।

आदिवासी नेता महेश पटेल को सौंपा ज्ञापन

पीड़ित ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को लेकर मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद के उपाध्यक्ष एवं आदिवासी नेता महेश पटेल को सामूहिक रूप से ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और आजादी के बाद से अब तक विकास से वंचित रहने की पीड़ा व्यक्त की। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई, मरीजों के इलाज और रोजमर्रा के कामकाज में भारी दिक्कतें आ रही हैं।

मंगलवार को होगा घेराव

महेश पटेल ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी मांग पूरी तरह जायज है और इसे प्रशासन के सामने मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान सैकड़ों आदिवासी कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर आवेदन देंगे और इसके बाद लोक निर्माण विभाग कार्यालय का घेराव करेंगे।

आज भी विकास की राह देख रहा फड़तला क्षेत्र

गौरतलब है कि आजादी के दशकों बाद भी क्षेत्र के कई आदिवासी गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सड़क जैसी जरूरी सुविधा का अभाव शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

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